एकादशी संकल्प मंत्र|Ekadashi Vrat Sankalp Mantra
एकादशी संकल्प मंत्र करने से पहले पवित्रीकरण और आचमन भी किया जाता है। इनकी विधि इस पोस्ट में दिया है इसे भी अवश्य देखें। पवित्रीकरण और आचमन के बाद एकादशी संकल्प मंत्र (Ekadashi Vrat Sankalp Mantra) मन्त्र बोलना चाहिए। इस संकल्प के बाद ही व्रत सफल माना जाता है।
एकादशी संकल्प मंत्र संस्कृत में- Ekadashi Vrat Sankalp Mantra
संक्षिप्त संस्कृत एकादशी संकल्प मंत्र (Ekadashi Vrat Sankalp Mantra) निम्न है :
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ॐ विष्णवे नमः ॐ विष्णवे नमः ॐ विष्णवे नमः अद्य श्री ब्रह्मणोऽह्नि द्वितीय परार्धे श्री श्वेत वाराह कल्पै वैवस्वत मन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे युगे कलियुगे कलि प्रथमचरणे भूर्लोके जम्बूद्वीपे भारत वर्षे भरत खंडे आर्यावर्तान्तर्गतैकदेशे (उत्तर प्रदेश) नाम्ना राज्ये , (वाराणसी) नगरे, (गोदौलिया) नाम्ना उपक्षेत्रे वा बौद्धावतारे (नल) नाम संवत्सरे, (ज्येष्ठ) मासे, (शुक्ल)पक्षे, (एकादशी) तिथौ (बुधवार)वासरे, (शांडिल्य) गौत्रः, (प्रशांत) शर्मा(ब्राह्मण)/वर्मा(क्षत्रिय)/ गुप्ता (वैश्य)/ दासो(शूद्र) अहम् मम आत्मनः श्री भगवदप्रीत्यर्थम् यथासुखम यथासाध्यम एकादशी व्रतम करिष्ये।”
ऊपर दिए गए उदाहरण में स्थान,वर्ष, दिन, समय , नाम आदि अपने अनुसार परिवर्तित कर के ही अपना संकल्प करें।
जो शब्द मोटे अक्षरों में लिखे हैं उन्हें अपने जगह , दिन महीने के अनुसार बदल कर संकल्प करें। संकल्प बोलते हुए दाहिने हाथ में जल रखें (हो सके तो अक्षत, फूल और एक सिक्का भी रखें ) और संकल्प बोल देने के बाद जल पृथ्वी पर छोड़ दें।
एकादशी संकल्प मंत्र हिंदी में- Ekadashi Vrat Sankalp Mantra in Hindi
यदि संकल्प मन्त्र संस्कृत में बोलना कठिन हो तो इसे हिंदी में भी बोल सकते हैं।हिंदी में यह एकादशी संकल्प मंत्र (Ekadashi Vrat Sankalp Mantra) इस प्रकार से बोला जायेगा।
एकादशी संकल्प मंत्र का हिंदी अर्थ
ॐ भगवान विष्णु को प्रणाम है, प्रणाम है, प्रणाम है! यह ब्रह्माजी के द्वितीय परार्ध का श्री श्वेतवाराह कल्प चल रहा है, जिसमें वैवस्वत मन्वन्तर, २८वें युग में कलियुग के प्रथम चरण में, भूलोक में जम्बूद्वीप में भारतवर्ष के भरतखंड में, आर्यावर्त में भारत नाम के देश के _________ राज्य में,_______नगर में,______ नाम के उपक्षेत्र(शहर में आपका एरिया का नाम या तहसील का नाम) में, _______गाँव में (यहाँ अपने मोहल्ले या सोसाइटी का नाम भी दे सकते हैं), बौद्धावतार के _______संवत्सर में, ________मास में, ________(शुक्ल/ कृष्ण) पक्ष में,_______तिथि को ________ दिन को, ______ (प्रातः, दोपहर, संध्या काल) काल में, मैं _________ शर्मा(ब्राह्मण)/ वर्मा(क्षत्रिय)/ गुप्ता (वैश्य)/ दासो(शूद्र) भगवान की प्रसन्नता के लिए जिस प्रकार की भी सामग्री उपलब्ध हो सकी है उससे पूजा करूँगा।
एकादशी संकल्प मंत्र का उदाहरण
आपकी सुविधा के लिए हमने नीचे एकादशी संकल्प मंत्र (Ekadashi Vrat Sankalp Mantra) का उदाहरण दिया है-
ॐ भगवान विष्णु को प्रणाम है, प्रणाम है, प्रणाम है! यह ब्रह्माजी के द्वितीय परार्ध का श्री श्वेतवाराह कल्प चल रहा है, जिसमें वैवस्वत मन्वन्तर, २८वें युग में कलियुग के प्रथम चरण में, भूलोक में जम्बूद्वीप में भारतवर्ष के भरतखंड में, आर्यावर्त में भारत नाम के देश के उत्तर प्रदेश राज्य में, वाराणसी नगर में, गोदौलिया नाम के उपक्षेत्र में, दशाश्वमेध घाट में, बौद्धावतार के नल नामक संवत्सर में, ज्येष्ठ मास में, शुक्ल पक्ष में, एकादशी तिथि को बुधवार दिन को, प्रातःकाल में, मैं प्रशांत शर्मा, भगवान की प्रसन्नता के लिए अपनी उचित क्षमतानुसार जिस प्रकार उत्तम व्रत हो सकेगा वैसा मैं करूंगा।
टिप्पणी: ऊपर दिए गए उदाहरण में स्थान,वर्ष, दिन, समय , नाम आदि अपने अनुसार परिवर्तित कर के ही अपना संकल्प करें।

